याद करने का पद (Memory Verse)
भजन संहिता 24:1
पृथ्वी और जो कुछ उसमें है वह यहोवा का है; जगत और उसके रहने वाले भी।

कहानी (Story)
लूका 12:16-21
“किसी धनवान मनुष्य की भूमि में बहुत उपज हुई।
17 वह अपने मन में विचार करने लगा, ‘मैं क्या करूँ? मेरे पास अपनी उपज रखने की जगह नहीं।’
18 फिर उसने कहा, ‘मैं यह करूँगा: मैं अपने खत्तों को गिराकर बड़े बनाऊँगा और उनमें अपना सारा अन्न और धन इकट्ठा करूँगा।
19 और मैं अपने प्राण से कहूँगा — हे प्राण, तेरे पास बहुत वर्षों के लिए बहुत धन रखा है; चैन कर, खा, पी और आनन्द मना।’
20 परन्तु परमेश्वर ने उससे कहा, ‘अरे मूर्ख! इसी रात तेरा प्राण तुझ से माँगा जाएगा; तब जो कुछ तू ने तैयार किया है वह किसका होगा?’
21 ऐसा ही वह मनुष्य है जो अपने लिए धन बटोरता है परन्तु परमेश्वर के लिए धनी नहीं होता।”

पीछे देखें (Look Back)
आप प्रभु की आज्ञा का पालन कैसे कर रहे हैं?
हम एक-दूसरे के लिए कैसे प्रार्थना कर सकते हैं?
हम एक-दूसरे की सेवा कैसे कर सकते हैं?

ऊपर देखें (Look Up)
पद को याद करें और कहानी को अपने शब्दों में बताएं।

भजन संहिता 24:1 के अनुसार सब कुछ किसका है?
मेरी वस्तुओं का मालिक कौन है?

लूका 12 की कहानी में क्या उस धनवान ने माना कि परमेश्वर मालिक है या वह स्वयं को मालिक समझता था?

वह मूर्ख क्यों था?

क्या तुम पृथ्वी पर धनी होना चाहोगे या स्वर्ग में?

हम पृथ्वी पर खजाने कैसे इकट्ठा करते हैं, स्वर्ग में नहीं?

आगे देखें (Look Ahead)
पद और कहानी को याद करो।
हम अपनी वस्तुओं का उपयोग करके “परमेश्वर के लिए धनी” कैसे बन सकते हैं?
हम परमेश्वर द्वारा दी गई वस्तुएँ दूसरों के साथ कैसे बाँट सकते हैं?
हम यीशु के और चेले कैसे बना सकते हैं?