मसीह की आज्ञा #3: प्रार्थना करें
(Command of Christ #3: Pray)
पीछे देखें (Look Back)
हम एक-दूसरे के लिए कैसे प्रार्थना कर सकते हैं?
पवित्र आत्मा आपसे क्या कह रहा है? आप उसका कैसे उत्तर दे रहे हैं?
ऊपर देखें (Look Up)
याद करें (Memorize)
मत्ती 6:9-13
“इस प्रकार तुम प्रार्थना करो:
हे हमारे पिता, तू जो स्वर्ग में है,
तेरा नाम पवित्र माना जाए।
तेरा राज्य आए।
तेरी इच्छा जैसे स्वर्ग में पूरी होती है, वैसे पृथ्वी पर भी हो।
आज हमें हमारा प्रतिदिन का भोजन दे।
और हमारे अपराधों को क्षमा कर,
जैसे हम भी अपने अपराधियों को क्षमा करते हैं।
और हमें परीक्षा में न ला,
परन्तु बुराई से बचा।
क्योंकि राज्य, और सामर्थ्य, और महिमा सदा तेरी ही है।
आमीन।”
कहानी बताने का अभ्यास करें (Practice Telling)
नम्र चुंगी लेने वाले की कहानी
(The Story of the Humble Tax Collector)
लूका 18:9-14
फिर यीशु ने कुछ लोगों से, जो अपने धर्मी होने पर भरोसा करते थे और दूसरों को तुच्छ समझते थे, यह दृष्टान्त कहा:
“दो मनुष्य प्रार्थना करने के लिए मन्दिर में गए। एक फरीसी था और दूसरा चुंगी लेने वाला।
फरीसी खड़ा होकर अपने मन में इस प्रकार प्रार्थना करने लगा,
‘हे परमेश्वर, मैं तेरा धन्यवाद करता हूँ कि मैं और लोगों के समान नहीं हूँ — न लुटेरे, न अधर्मी, न व्यभिचारी, और न ही इस चुंगी लेने वाले जैसा हूँ।
मैं सप्ताह में दो बार उपवास करता हूँ और अपनी सारी आय का दसवाँ भाग देता हूँ।’
परन्तु चुंगी लेने वाला दूर खड़ा रहा। वह स्वर्ग की ओर आँखें उठाने का साहस भी न कर सका, बल्कि अपनी छाती पीट-पीटकर कहने लगा,
‘हे परमेश्वर, मुझ पापी पर दया कर।’
मैं तुमसे कहता हूँ, यही मनुष्य परमेश्वर के सामने धर्मी ठहरकर अपने घर गया, न कि फरीसी।
क्योंकि जो अपने आप को ऊँचा करता है वह नम्र किया जाएगा, और जो अपने आप को नम्र करता है वह ऊँचा किया जाएगा।”
और जानें (Explore More — optional)
प्रार्थना क्या है?
प्रार्थना परमेश्वर के साथ एक सच्ची और नम्र बातचीत करना है।
हम प्रार्थना क्यों करते हैं?
यह एक आज्ञा है और इससे हम परमेश्वर के और निकट बढ़ते हैं।
हम कैसे प्रार्थना करें?
स्तुति (Praise):
"हे हमारे पिता, तू जो स्वर्ग में है, तेरा नाम पवित्र माना जाए।"
पश्चाताप (Repent):
"हमारे अपराधों को क्षमा कर, जैसे हम भी अपने अपराधियों को क्षमा करते हैं।"
माँगें (Ask):
"आज हमें हमारा प्रतिदिन का भोजन दे।"
समर्पण (Yield):
"तेरा राज्य आए, तेरी इच्छा जैसे स्वर्ग में पूरी होती है वैसे पृथ्वी पर भी हो।"
आगे देखें (Look Ahead)
आप इस सप्ताह यीशु की प्रार्थना करने की आज्ञा का पालन कैसे करेंगे?
इस सप्ताह आप अपनी यीशु की कहानी किसके साथ साझा कर सकते हैं?
पाँच यीशु अनुयायी बनाने की कोशिश करें, उन्हें बपतिस्मा दें और उनकी मदद करें कि वे पाँच और अनुयायी बनाएं।
नियुक्ति / प्रार्थना करें (Commission / Pray)
आज्ञा का पालन करने के लिए परमेश्वर से उसकी सामर्थ्य माँगें।